मधुमेह और गर्भावस्था

मधुमेह और गर्भावस्था

गर्भावस्था में मधुमेह की देखभाल गर्भावस्था के दौरान मधुमेह की अवस्था को नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक है। अच्छा तो यह होता है कि जो दंपति बच्चे की इच्छा कर रहे हों शुरुवाती दौर में ही अपना ब्लड सुगर जाँच करा लें। गर्भावस्था के दौरान मधुमेह की अवस्था माँ और बच्चे, दोनों...
मधुमेह में एसपीरीन

मधुमेह में एसपीरीन

मरीजों को समझना जरूरी है कि उन्हें लगातार एसपीरीन उसके दर्द निवारक गुण के लिए नहीं दिया जा रहा है बल्कि बीमारियों से बचाव के लिए दिया जा रहा है। डायबिटीज के मरीजों में हृदयघात होने की संभावना 2 से 4 गुणा ज्यादा होती है। शरीर में रक्त में प्लेटलेट्स होते हैं जो खून की...
मधुमेह में आँखे

मधुमेह में आँखे

भारत में डायबिटीज अंधापन का अब सबसे बड़ा कारण – यदि मोतियाबिन्द को छोड़ दें। आँखो की देखभाल मधुमेह में: यह जानना आवश्यक है कि मधुमेह के रोगियों में अन्धापन का मुख्य कारण है – आँखो पर मधुमेह जनित दुष्प्रभाव जिसे ‘डायबेटीक रेटनोपैथी’ कहते हैं।...
मधुमेह में स्वास्थ्य शिक्षा का औचित्य

मधुमेह में स्वास्थ्य शिक्षा का औचित्य

अब भारत में मधुमेह रोगियों की संख्या करीब 35 मिलियन होने जा रही है। मधुमेह की भयानकता इस तथ्य से जाहिर होती है कि ह्र्दय रोग, उच्च रक्त चाप, और स्ट्रोक का तो वह जनक है ही, अनियंत्रित अवस्था ह्र्दय, गुर्दे, आँखों और नसों की बरबादी ले आती है। तो ऐसे खतरनाक रोग के सबसे...
ग्लायकोसाइलेटेड हीमोग्लोबीन टेस्ट

ग्लायकोसाइलेटेड हीमोग्लोबीन टेस्ट

ग्लायकोसाइलेटेड हीमोग्लोबीन टेस्ट महत्वपूर्ण है। अवश्य कराएँ हर तीन महीने बाद। इस टेस्ट को करने में मात्र 5 मिनट लगता है। इसे किसी भी समय किया जा सकता है, यानि फास्टिंग की आवश्यकता नही होती। 2010 में ए.डी.ए.ने नये मानक दिए हैं। ए.डी.ए. द्वारा ग्लायकोसाइलेटेड...